WHAT IS CYBER CRIME


मिसाइल से ज्यादा हानिकारक है साइबर हमला
भारत जैसे देश में जब डिजिटल इंडिया की संकलपना साकार होने के लिए तत्पर है ठीक उसी समय डिजिटल आंकडो पर एक अनजाने हमले का खतरा भी मंडराने लगा है. जैसे-जैसे हम देश के डिजिटल स्वप्न को पूरा करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं, साइबर सुरक्षा संबंधी खतरों के समाचार पहले से अधिक सुनने को मिल रहे हैं। विश्व परिदृश्य को देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है की आने वाले कुछ सालों में भारत पर भयानक साइबर हमलों की संख्या बढ़ जाएगी। वर्तमान में भारत में हर हफ्ते लगभग 200 मिलियन मालवेयर से संबंधित और लगभग २ लाख यूनीक साइबर हमलों से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं। सायबर सम्बंधित ये खतरे सायबर हमले या सायबर युद्ध के रूप में जाने जाते है.
सायबर हमला क्या है :
सायबर युद्ध एक ऐसा युद्ध है जो इंटरनेट और कंप्यूटरों के माध्यम से लड़ा जाता है यानी इसमें भौतिक हथियारों के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक हथियार होते है। तकनीक पर लगातार बढ़ती जा रही निर्भरता के कारण विश्व के कई देशों को साइबर हमलों की चिंता सताने लगी है। सायबर हमले में वास्तविक युद्ध के स्थान पर कृत्रिम और आंकडो का युद्ध कंप्यूटरों के मध्य चलता है. सायबर अपराधी कंप्यूटर सिस्टमों को जाम करने वाले वायरस सॉफ्टवेयर इंटरनेट पर फैला देते है और जब भी अपने कंप्यूटर पर वायरस से युक्त संदेश को देखता है तो उसका सिस्टम वायरस से प्रभावित हो जाता है। इन हमलों में वायरसों की सहायता से वेबसाइटें ठप कर दी जाती है और प्रशासन से जुडी गोपनीय और अन्य मत्वपूर्ण जानकारियां सायबर अपराधियों के पास चली जाती है, इसके साथ साथ  डिजिटल उपकरण नष्ट हो जाते है और महत्वपूर्ण अधोसंरचनाओं को चुरा लिया जाता है .
साइबर अपराध क्या है:
किसी कि नीजी जानकारी को परपत करना और उसका गलत इस्तमाल करना। किसी की भी निजी जानकारी कंप्यूटर से निकल लेना या चोरी कर लेना भी साइबर अपराध है। सायबर अपराध भी कई प्रकार से किये जाते है जैसे किसी की मत्वपूर्ण और गुप्त जानकारी की चोरी करना या उसे मिटा देना या जानकारी में बदलाव कर देना. सायबर अपराधी किसी के कंप्यूटर के गुप्त डाटा की चोरी करते है या उसे नष्ट कर सकते है। साइबर अपराध कई प्रकार के होते है. इनमे स्पैम ईमेल, हैकिंग, फिशिंग, वायरस आदि विशेष रूप से प्रचलित नाम है. इस प्रणाली में जैसे ही कोई किसी फाइल को इन्टरनेट या मेल से डाउनलोड करता है तो उस फाइल के साथ वायरस भी उसके कंप्यूटर में आ जाते है और उपयोगकर्ता की महत्वपूर्ण सूचनाएं लीक हो जाती है जिसका हेकर्स अपनी मर्जी से गलत स्तेमाल भी कर सकता है.
साइबर हमले गलत भावना से प्रेरित होते है जो मुख्यतः इंटरनेट के माध्यम से ही किए जाते हैं। ये हमले सरकार और महत्वपूर्ण निजी संगठनों को लक्षित करके किये जाते हैं जिसके चलते काफी क्षति होती है। ये विशिष्ट संगठनों,सेवाओं और व्यक्तियों की निजी,तकनीकी और संस्थागत जानकारी प्राप्त करने के लिए तैयार किये जाते है, इनका उद्देश्य मौद्रिक लाभ कमाना भी होता है. साइबर हमले किसी भी देश की आर्थिक दशा व दिशा को  बिगाड़ सकते हैं, भारत में ऐसे अपराध से निपटने के लिए साइबर क्राइम सेल बनाया गया है.
साइबर अटेक के प्रकार:
स्पैम ईमेल: ईमेल में भेजे गए लिंक के माध्यम से किसी की निजी जानकारियां चुराना और महत्वपूर्ण डाटा नष्ट करना स्पैम ईमेल अटेक का प्रकार है.
मैलवेयर: विभिन्न प्रकार की साइबर खतरों के लिए मैलवेयर एक सर्वव्यापी शब्द है मैलवेयर को केवल दुर्भावनापूर्ण इरादे के साथ कोड के रूप में परिभाषित किया जाता है जो आम तौर पर डेटा चोरी करता है या कंप्यूटर पर कुछ नष्ट कर देता है।
फिशिंग- ईमेल या की अन्य वेब मेल की सहायता से किसी की निजी जानकारी लेना. स्पैम ईमेल इसका एक प्रकार है.
पासवर्ड अटेक: एक उपयोगकर्ता का पासवर्ड क्रैक करके उसके सिस्टम तक पहुंच हासिल करने की कोशिश करना।
हैकिंग:  किसी संस्था के या किसी व्यक्ति के कंप्यूटर सिस्टम में इंटरनेट के माध्यम से घुसपैठ करना और किसी दूसरे के कंप्यूटर से डाटा चोरी करना.
साइबर स्टॉकिंग: यह एक नए तरह का अपराध है. स्टॉकिंग का मतलब होता है छिपकर पीछा करना. साइबर स्टॉकिंग में किसी को मैसेज भेजकर परेशान किया जाता है.
सायबर अटेक से बचने के उपाय:
अंतर्जाल के इस युग में हम बहुत सी चीजे इन्टरनेट के द्वारा ही खरीदते हैं और इसके लिए हम अपने एटीएम कार्ड या यूपीआई का प्रयोग करते है, कई बार जब हम अपने एटीएम कार्ड या यूपीआई की सूचनाएं किसी वेब पेज पर भरते है तो पहले से घात लगाये बैठा हेकर उस सूचना को हैक कर लेता है और आपका सारा धन लूट सकता है. साईबर हमलों की बढ़ती जटिलता के चलते फायरवॉल, ऐप्लिकेशन सुरक्षा और घुसपैठ रोकथाम प्रणालियों जैसे निवारक सुरक्षा नियंत्रणों को अधिक बेहतर बनाया जा रहा है।
कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखकर सायबर हमले से बच सकते है-
-हमेशा अपने सिस्टम और एंटी वायरस को अपडेट करते रहने चाहिए.
-सही स्त्रोत जाने बिना किसी अटैचमेंट या लिंक पर क्लिक ना करें
-अपना पासवर्ड वक़्त वक़्त पर बदलते रहें.
-अपनी आई डी और पासवर्ड को कंप्यूटर में सेव ना रखें
-फर्जी फोन कॉल से बचें
-सार्वजनिक कंप्यूटर से ऑनलाइन बैंकिंग ना करें
-सॉफ्टवेयर और ऐप्स को नियमित रूप से अपडेट करते रहें
-अगर गलती से किसी गलत साईट पर अपनी सूचना डाल दी है तो उसके तुरंत बाद अपना पासवर्ड बदले
-उत्तेजक स्क्रीन नाम या ईमेल एड्रेस का इस्तेमाल न करें.
-कोई अनजान शख़्स इंटरव्यू, नौकरी या कोई गिफ्ट देने के बहाने यदि आपकी बैंक डिटेल्स मांगता है, तो ऐसे ईमेल का भी जवाब न दें.

Career as a Graphic Designer


ग्राफिक डिजाइनर कैसे बने ग्राफ़िक्स डिजाइनिंग में अवसर:
अगर आप  रचनात्मक है और इस रचनात्मक दुनिया में कुछ नया करने की चाह रखते हो तो ग्राफिक डिजाइनिंग का कैरियर आपके लिए बहुत अच्छा साबित होगा. इस कार्य में आपकी क्रिएटिविटी सबसे पहली और महत्वपूर्ण आवश्यकता है. इसके अलावा थोड़ी बहुत जानकारी उस मार्केट की होनी चाहिए जहाँ  ग्राफिक डिजाइनिंग की सबसे ज्यादा जरूरत है. ग्राफिक्स की रचना के लिए नए सॉफ्टवेयर्स की जानकारी भी हो तो आप इस दुनिया में कदम रख सकते है. ग्राफ़िक्स को हिंदी में चित्रालेख भी कहा जाता है. चित्रालेख या ग्राफ़िक्स ऐसे दृश्य प्रदर्शन हैं जो किसी कपड़े, काग़ज़, पत्थर, दीवार या कंप्यूटर की सहायता से सूचना, ज्ञान, पहचान या अन्य किसी भी ध्येय से बनाया गया हो।
ग्राफ़िक्स डिजाइनिंग क्या है:
कंप्यूटर के सहयोग से चित्रों और विभिन्न रंगों से ग्राफिक्स यानि रेखाचित्र का सृजन होता है।इनमें अधिकतर ग्राफ या चित्र का कंप्यूटर के द्वारा निर्माण, प्रदर्शन और संपादन किया जाता है। इस क्षेत्र के साथ ३डी एनिमेशन,  वीडियो गेम और कार्टून फिल्म्स में बहुत प्रगति हुई है। एनिमेशन वास्तव में कंप्यूटर की सहायता से मूविंग इमेज (चलते हुए चित्र) बनाने की कला है। ग्राफ़िक डिज़ाइन एक ऐसी रचनात्मक प्रक्रिया है जिसके विस्तार में वेब डिजाइन से लेकर विज्ञापन और वस्तु की पैकेज़िंग तक सब कुछ समाहित है। इस प्रक्रिया में टेक्स्ट, चित्र, फोटो और लोगो आदि दृश्यात्मक चित्रण की सहायता से सूचना को प्रस्तुत किया जाता है। वहीँ दूसरी और कंप्यूटर के द्वारा बनाए जाने वाले ग्राफिक्स कंप्यूटर ग्राफिक्स कहलाते हैं। ग्राफिक डिजाइन करने वाले व्यक्ति को ग्राफिक्स डिजाइनर कहा जाता है।
ग्राफ़िक्स डिज़ाइनर का कार्य:
ग्राफिक डिजाइन एक रचनात्मक कार्य है जिसमें टेक्स्ट और ग्राफिक के द्वारा किसी सन्देश को रचनात्मक तरीके से दुनिया तक पहुंचाया जाता है। इस कला में सन्देश ३डी टेक्स्ट, चित्र, लोगो, न्यूज लेटर, विडियो फाइल व फोटो पोस्टर या फिर किसी भी कलात्मक रूप में हो सकता है। इस कार्य में विभिन्न रंगों, इलेस्ट्रेशन,टेक्स्ट, चित्र,   फोटोग्राफ, एनिमेशन और अलग-अलग तरह के ग्राफ और लेआउट्स के जरिए डिजाइन किया जाता है। ग्राफिक डिजाइनर किसी पेज का सम्पूर्ण लेआउट बनाकर उसमें रंगों और रेखाओं का प्रयोग करके अपने कार्य को आकर्षक रूप देता है। फिल्मों, विज्ञापन, टेलीविजन और डिजिटल गेम के क्षेत्र में ग्राफिक डिजाइनर के लिए बहुत अवसर है।
ग्राफिक्स डिज़ाइन हेतु सॉफ्टवेयर:
ग्राफिक्स डिज़ाइन हेतु केवल एक या दो सॉफ्टवेयर नहीं बल्कि कई प्रोग्रामों की सहायता ली जाती है, यानि ग्राफिक्स सॉफ्टवेयर कई प्रोग्रामों का एक संग्रह होते है, जो एक कंप्यूटर पर छवियों के मिश्रण, संपादन, भंडारण,  के अतिरिक्त रेखा डिज़ाइन, चित्रों, और ग्राफ्स के निर्माण में सहायक है.
कंप्यूटर ग्राफिक्स को दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है:
१.   रेसर ग्राफिक्स २. वेक्टर ग्राफ़िक्स 

ग्राफिक्स हेतु महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर: कोरेल ड्रा, एडोब फोटोशॉप, इलस्ट्रेटर, ड्रीमविवर, पिकासा, इनडिजाइन, आफ्टर इफेक्ट, माया, ३ डी मैक्स और मोडो आदि ग्राफिक्स सॉफ्टवेयर्स हैं।
ग्राफ़िक डिज़ाइनर बनने के लिए महत्वपूर्ण बातें :
·       एक क्षेत्र का चयन:  ग्राफ़िक डिज़ाइन की दुनिया में कई क्षेत्र है जैसे विज्ञापन का क्षेत्र, ३डी गेम्स, सिनेमा, कार्टून, वेब डेवेलपमेंट, मल्टिमीडिया, प्रिंट और एनिमेशन जैसे कई क्षेत्रों में से कोई एक का चयन कर कार्य कर सकते है
·       विभिन्न रंगों और फॉंट्स  का गहन अध्ययन करें: अच्छे ग्राफ़िक डिज़ाइनर बनने के लिए आपको रंगों के सही योजन और फोंट्स का रचनात्मक उपयोग को जानना होगा रंगयोजन, टेक्स्ट, टाइपफेस, लीडिंग, कर्निंग, जस्टिफाई और ऐसी कोई भी चीज़ जो टेक्स्ट को प्रभावी बनाती है, की जानकारी होना ज़रूरी है।
·       डिज़ाइन्स को ध्यान से देखें: मैगज़ीन और समाचारपत्रों में छपे डिज़ाइन्स को ध्यान से देखें। इसके लिए इंटरनेट कि सहायता ली जा सकती है।
·       ग्राफ़िक डिज़ाइन की पत्रिकाए और पुस्तकें पढ़ें: इस क्षेत्र में सफल होने के लिए ग्राफ़िक डिज़ाइन के कुछ मूलभूत सिद्धांतों को सीखना बहुत जरूरी है, इसके लिए ग्राफ़िक डिज़ाइन से जुडी पत्रिकाओं और पुस्तकों का अध्ययन आवश्यक है. ये पुस्तकें ऑनलाइन भी मंगवाई जा सकती है।
·       ग्राफ़िक डिज़ाइन का प्रशिक्षण प्राप्त करें: अगर आवश्यकता हो तो ग्राफ़िक डिज़ाइन का प्रशिक्षण देने वाले केन्द्रों की सहायता ली जा सकती है। इस तरह के प्रशिक्षण केन्द्र सरकारी और निजी दोनों तौर पर किये जा सकते है
·       रचनात्मक बने: रचनात्मकता एक सबसे अच्छा डिज़ाइन टूल है. इसके लिए जरूरी है की आप किसी विज्ञापन, पत्रिका के कलेवर और पोस्टर का बार बार अध्ययन करें।
·       आकर्षक डिजाइन का संग्रहण करें: जहाँ भी आपको कोई रचनात्मक और आकर्षक डिजाइन मिले आप उसको संग्रहित करें और समय समय पर उनका अवलोकन करें।
·       अपना पोर्टफोलियो तैयार करें: सबसे जरूरी आपका पोर्टफोलियो है यह आपका किया हुआ काम है जो आपने अभी तक ग्राफिक डिजाइन के क्षेत्र में किया है। अपने कार्य को अपने पास संग्रहित रखें ताकि अवसर मिलने पर इसका उपयोग किया जा सके।
ग्राफिक डिजाइन की पढ़ाई:
अगर आप रचनात्मक है तो आपको ज्यादा पढाई की जरूरत नहीं है परन्तु कहीं भी जॉब पाने के लिए शिक्षा जरूरी है। इस क्षेत्र में योग्यता के रूप में स्‍टूडेंट्स को 12वीं पास होना जरूरी है। ग्रेजुएट और पोस्‍ट ग्रेजुएट के बाद भी कई डिप्लोमा एवं पीजी डिप्लोमा कोर्स कराए जाते हैं। जैसे
·  बैचलर इन फाइन आर्ट्स
·  पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन डिजाइन
·  ग्रेजुएट डिप्लोमा इन डिजाइन
·  विजुअल कम्युनिकेशन डिजाइन
·  एडवरटाइजिंग ऐंड विजुअल कम्‍यूनिकेशन आदि
नौकरी के क्षेत्र: 
अगर ग्राफिक डिजाइनिंग के क्षेत्र में अवसर की बात की जाये तो वर्तमान दौर में इस क्षेत्र में रोजगार की बहुत बेहतर संभावनाएं हैं. सभी छोटे-बड़े संस्थान अपने लिए विजुअल ब्रैंड तैयार करवाते हैं. ग्राफिक डिजाइनर्स को वेबसाइट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, एडवरटाइजिंग एजेंसी, किताबें, पत्रिकाएं, मैगजीन, पोस्टर्स, कम्प्यूटर गेम्स, प्रोडक्ट पैकिजिंग, पब्लिक रिलेशन, न्यूज पेपर, कॉर्पोरेट कम्यूनिकेशन, कॉर्पोरेट जगत जैसी जगहों पर अच्छे अवसर मिल सकते है। विशेषतौर पर फिल्म,विज्ञापन और एनिमेशन क्षेत्र में इनकी खूब मांग है। ग्राफिक के जरिए फिल्मों में स्पेशल इफेक्ट का उपयोग खूब किया गया जो दर्शकों को काफी पसंद आया। इसके अतिरिक्त कम्पयूटर गेम और कार्टून के क्षेत्र में भी नौकरी के खूब अवसर है।